कोहली ने कल एक शॉट खेला, जिसे बरसों याद रखा जाएगा

​सुरेन्द्र सिंह चौधरी /zaharilanagauri@gmail.com
इंडिया वर्सेज़ इंग्लैंड. पहला वन डे मैच. साल 2017 की बोहनी एक जीत के साथ हुई. जीत मामूली नहीं थी. जिताने वाला मामूली नहीं था. विराट कोहली. वो बैट्समैन जो पिछले 3 सालों से फॉर्म में है. उसके बारे में कहा जाता है कि अब इसकी फॉर्म गिरेगी. लेकिन अगली सीरीज़ में वो धकापेल रन बना देता है. और ऐसा होता ही जा रहा है.
खैर, वही विराट इंग्लैंड के खिलाफ़ जुटा हुआ था. रोज़ का काम. रन बनाना. अगली टीम को हराना. 34वां ओवर. दूसरी गेंद. जाधव ने स्ट्राइक बदल कर कोहली को क्रीज़ पर भेजा था. विराट 100 बना चुका था. जीतने को अभी भी 118 रन चाहिए थे. 17 ओवर में. मामला टक्कर का था. हालांकि रन तेज़ी से ही बन रहे थे लेकिन उतनी ही तेज़ी से रन बनाने की सख्त ज़रुरत थी. क्रिस वोक्स गेंद पर उंगलियां फेर देते हैं. स्लोवर वन के लिए. शॉर्ट-ऑफ़-गुड-लेंथ. उछाल ज़्यादा. इतना कि गेंद उठकर कोहली की कमर से ऊपर कंधे से कुछ नीचे की ऊंचाई पर थी.
कोहली के पास रूम की खासी कमी थी. चूंकि क्लोज़ फील्डर्स की खासी कमी थी, इसलिए कोहली के पास टैप करके रन लेने का ऑप्शन था. मगर ये एक आम ऑप्शन था. एक आम बल्लेबाज के लिए. कोहली के लिए नहीं. कोहली बैक-फुट पर पहुंचे. सीधे बल्ले से गेंद को टैप किया. लेकिन हवा में. गेंद जब गिरी तो मालूम चला कि छक्का पड़ चुका था.
शॉट यहां देखें.
ये एक शॉट क्रिकेट में अभी तक नहीं देखा गया था. इस तरह का कुछ भी नहीं. ये शॉट क्रिकेट का कम और बॉक्सिंग का ज़्यादा लग रहा था. ऐसा लगा जैसे किसी भारी मुक्केबाज ने शॉर्ट आर्म जैब मारा हो. और सामने वाला मुक्केबाज गश खाकर गिर पड़ा हो. बैकफुट पंच. वाइड मिड ऑन के ऊपर से. ये शॉट फ़िज़िक्स के नियमों को चुनौती दे रहा था. ये शॉट बता रहा था कि 100 रन के पार बैटिंग कर रहा ये बैट्समैन किस हद तक फिट है. किस हद तक इसकी मांसपेशियों में जान है. इस शॉट में मात्र बैलेंस और हाथों की मजबूती की ज़रुरत थी. कोहली अपनी फिटनेस के लिए पहले से ही मशहूर हो चुके हैं. यहां उसकी मजबूती और फ़िटनेस प्रूव भी हो गयी. ये शॉट सिर्फ़ वही मारकर 6 रन कमा सकता था जिसके हाथों में इतनी जान हो कि एक धीमी गेंद को सीधे बल्ले से मिड ऑन के ऊपर ऐसे उछाला जाए कि वो बाउंड्री पार गिरे.
इस शॉट के बारे में हर जगह चर्चा रही.

@alextudorcoach

Did I just see that  @imVkohli  stop it #INDvENG

8:16 PM – 15 Jan 2017

कोहली के बारे में दिन भर में जो सबसे सत्य बात कही गयी, वो इस ट्वीट में थी:

Sonali Dhulap @pillya

Why don’t you just admit you are an alien, Kohli? Why don’t you? Why? #INDvENG #Kohli #replug

8:22 PM – 15 Jan 2017
हर्षा भोगले ने भी ऐसा ही कुछ कहा, “कोहली के लिए एक और आम दिन. सुबह उठे, नहाया, चेज़ करते हुए सेंचुरी मारी. एक आम दिन. सचमुच.”

Harsha Bhogle ✔@bhogleharsha

Just another day at work for @imVkohli. Brushed his teeth, had a shower, breakfast, century in a chase. Just another day really!

8:06 PM – 15 Jan 2017

माइकल वॉन, जिन्हें इंडियन प्लेयर्स से लाभिड़ने में बहुत मज़ा आता है, कोहली के गुन गाते मिले:
Michael Vaughan ✔@MichaelVaughan

Best Test player … KOHLI Best ODI player … KOHLI. Best T20 player … KOHLI

8:20 PM – 15 Jan 2017

और अंत में, दिन का सबसे शानदार ट्वीट:
Shailesh Shinde. @ShaileSHinde

Tendulkar has posters of Kohli in his bedroom.

8:07 PM – 15 Jan 2017

​अगर भारत का इस्लामीकरण हुआ तो क्या होगा ?  (लेखक : JitendrA pratap Singh)

1.सारे हिंदू उद्योगपतियों की संपत्तिया जब्त कर ली जायेंगी | मलेशिया, पाकिस्तान , यूगांडा, लेबनान में ऐसा ही हुआ, हिंदू (मुशिरिक यानि मूर्तिपूजक) की संपत्ति पर मोमिन यानि ईमान लेन वाले मुस्लमान का अधिकार हैं ये अल्लाह का फरमान है |

  • 2. आपकी (सेक्युलर वर्ग की) लड़कियां, बहनें, माताएं कभी ना कभी मुल्लों के बिस्तर गर्म करने को मजबूर होंगी क्योंकि आप कब तक बच पाएंगे | और आज ये पाकिस्तान बांग्लादेश में हो ही रहा है .. और गाँधी वादी तो तब भी होंगे जो गाँधी जी के शब्द दोहराएंगे जो उन्होंने कहे थे एक माँ से उसकी लड़की का मुसलमानों द्वारा बलात्कार करने पर “तो क्या हुआ, वो तुम्हारी लड़की को कुछ दे कर तो गए ले तो नहीं गए |”
  • 3. सेक्युलर वर्ग तो हो सकता है मुफ्त कंडोम बाँटे मुल्लों को | ताकि उनकी बीवियों बेटियों बहनों को मुसलमानों द्वारा कम दिक्कत हो और उनके मुस्लिम भाइयों का सम्मान भी बना रहे|
  • 4. कोई भी हिंदू किसी भी सरकारी व्यवस्था में बड़े ओहदे पर नहीं रह पायेगा | जैसा आज पाकिस्तान और बंगलादेश में हुआ ….वही मुग़ल काल का नियम लगेगा |
  • 5. हिंदू अपने धर्म पर जजिया दे रहे होंगे | याने हिंदू बने रहने के लिए कर भर रहे होंगे | तालिबान ने अफगानिस्तान में सिखों और हिन्दुओ से जजिया कर लेना शुरू किया था …कुरान ९:२९ में साफ़ आदेश है पर हमें तब भी ऐसा वर्ग मिलेगा जो सिर्फ कुछ मुसलमानों को इसके लिए दोषी ठहराएगा |
  • 6. हिन्दुओ के १ से अधिक बच्चे पैदा करने पर रोक भी लग सकती है | क्योंकि इन मुल्लों का आबादी ही सबसे बड़ा हथियार है|
  • 7. हिन्दुओं को ज़मीन खरीदने की इज्जाजत नहीं होगी, कश्मीर में धारा ३७० की वजह से हम आज भी बस नहीं सकते |
  • 8. हिन्दुओ के सार्वजानिक सभी धर्म स्थल तोड़ दिए जायेंगे | उनको सार्वजनिक स्थान पर पूजा करने पर कड़े से कड़ा दंड भी हो सकता है | आपने वो डॉक्टर ज़ाकिर नायक का विडियो तो देखा ही होगा |
  • 9. हिन्दुवादी सभी संगठनों को खत्म कर दिया जाएगा | हिंदू संगठित ना हो सके ऐसा हर संभव प्रयास किया जाएगा | केरल और कश्मीर प्रत्यक्ष उदहारण है |
  • 10. देश से लोकतंत्र एक दो बार के चुनाव में ही खत्म हो जाएगा या चुनाव प्रणाली हो पर काफिरों यानी हम हिन्दुओं का मताधिकार ही खत्म कर दिया जाएगा |
  • 11. किसी हिंदू के ली को मनवाधिकार नहीं रह जाएगा | हिंदू लड़की के साथ बलात्कार, हिंदू के घर चोरी डकैती या हत्या का कोई मुकदमा नहीं दर्ज ही नहीं होगा |
  • 12. सेना पुलिस प्रशासनिक सेवाए हर महत्वपूर्ण ओहदों से हिन्दुओं को हटा दिया जाएगा | हाँ वैज्ञानिक पदों से नहीं हटा पाएंगे क्योंकि मुस्लिम वैज्ञानिक तो पैदा कर नहीं पाएंगे |
  • 13. देश में सिर्फ हिन्दुओं पर ही अत्याचार नहीं हो रहे होंगे सिख इसाई (पूर्वोत्तर भारत के छोड के) कमुनिस्ट जैन बौद्ध दालित सभी का खात्मा हो रहा होगा | यहाँ तक की इस्लामिक शाखाओं शियाओं, बरेलवियों, अहमदिया इस्माइलों का भी खात्मा हो रहा होगा |
  • 14. देश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी होगी और अभी का जंगल राज हमें तब स्वर्ग सा लगेगा | देश तबाह हो चुका होगा और जल्द ही किसी इस्लामिक अफ़्रीकी देश के स्तर पर पहुँच जाएगा |
  • 15. भारत, हिंदू, पंथ- निरपेक्षता सिर्फ सपनों के शब्द रह जायेंगे | देश का अस्तित्व उसकी सांस्कृतिक पहचान खत्म हो चुकी होगी क्योंकि हिंदुत्व यानी वैदिक धर्म से ही हैं |

ऐसे वक्त में फिर कोई शिवा पैदा होगा, सांगा होगा, राणा प्रताप होगा, वीर हेमू, क्षत्रशाल, गुरु गोविन्द सिंह और बंदा ​बैरागी  जैसे योद्धा निकल के आयेंगे | ये लोग तो सदैव से हैं सदैव रहेंगे पर नहीं रहेगा आज जितना विशाल भारत जो थोडा बहुत देश बचा पायेंगे वो भी लाशों के ढेर पर होगा | ये सब रुक सकता हैं अगर हम समय रहते भारत को वैदिक राष्ट्र/आर्य राष्ट्र /हिंदू राष्ट्र बना लें |

लेखक : जीतेंद्र प्रताप सिंह 

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सम्पादक : सुरेन्द्र सिंह चौधरी 

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मैं रिबन काटने वाला पीएम नहीं, मैंने लड़ाई छेड़ दी है: पीएम मोदी

सुरेन्द्र चौधरी||प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ये जनसैलाब, इतनी बड़ी संख्या में यहां लोगों का आना इस बात का सुबूत है उत्तराखंड अब विकास के लिए इंतज़ार नहीं करना चाहता है। कहा, मैं रिबन काटने वाला पीएम नहीं। मैंने लड़ाई छेड़ दी है। देवभूमि से मिले सहयोग का आभारी हूं। वे यहां चारधााम यात्रा के लिए ऑल वैदर रोड सड़क याेेजना के शिलान्यास के लिए पहुुंंचे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुराने ज़माने में मां- बाप को यात्रा करने के लिए श्रवण को याद किया जाता है, वैसे ही आने वाले दिनों में आप श्रवण को याद करोगे। इस दौरान मोदी ने खुद को श्रवण कहा। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आती है। मैं उत्तराखंड के हर गली-मोहल्ले और सुख-दुख से परिचित हु 

उन्होंने कहा कि मैं चाहता तो पहले दिन ही दो गाडी लाता और शिलान्यास कर देता। लेकिन मैं वैसा नहीं हूं। जनता सबकुछ जानती है। विपक्षियों पर तंज कसते हुए कहा कि योजना के पत्थर गाड़ते चले जाओगे तो क्या होगा। जल्दबाजी में शिलान्यास से राजनीति तो चल सकती है समाजनीति नहीं। इसलिए हमने समय लिया। योजना बनाई और फिर काम किया। अपने भाषण में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंंत्री नितिन गडकरी की भी तारीफ की।

कहा, देशभर में सड़कों का काम चल रहा है। रास्ता ऐसा बने कि 100 साल तक दिक्कत ना हो। दुनियाभर की कन्सलटेन्ट से संपर्क कर काम किया जा रहा है। मोदी ने आगे कहा कि मैंने ऐसा काम कर दिखाया। आजादी के इतने साल बाद भी देश में 18 हजार गांव ऐसे निकले जहा बिजली नहीं थी। वे गांव 18 वीं शताब्दी में जी रहे थे। हमने बीड़ा उठाया और 1000 दिन में बिजली पहुंचायेंगे का वादा किया। कहा, अफसर अब देखेंगे कि 70 साल में जो नहीं हुआ वो 1000 दिन में कैसे होगा। लेकिन, 1000 दिन नहीं हुए और 12000 गांव में बिजली पहुंचा दी। उत्तराखंड के गांव भी थे वहां भी बिजली पहुंचाई जा रही है। एक जमाना ऐसा भी था जब सिलेंडर लेने में जान-पहचान चलती थी।

पीएम मोदी के दून पहुंचने से पहले की तैयारियां, तस्वीरें

मोदी ने अपने भाषण में कहा कि एक जमाना ऐसा भी था कि गैस सिलेंडर लेने में जान पहचान निकालनी पड़ती थी। दिल्ली में कांग्रेस के अधिवेशन में घोषणा हुई कि हमारी सरकार हुई तो अभी एक साल में नौ सिलेंडर मिलते है तो बाद में 12 मिलेंगे। लेकिन, जब हमारी भाजपा की सरकार आयी तो हमने पांच करोड़ गरीबों को गैस का चूल्हा दिया। मैं उत्तराखंड के हर गली मोहले और सुख-दुख से परिचित हुं।

कहा, मैं देवभूमि के आशीर्वाद में ही पला-बढ़ा हूूंं। यहां गरीब मां के शरीर में चूल्हे के धुंए से 400 सिगरट का धुआं जाता है। हमने मां बहनों को इस धुंए से मुक्ति दिलाई। ये विकास कार्य गरीबों के कल्याण के लिए है। उत्तराखंड की धरती में हर घर में जिजामाता और शिवाजी है। यहां के जवान सीमा पर सीना तानकर खड़े रहते है।

पीएम ने अपने भाषण में उत्तराखंडवासियों का मन छुआ, तस्वीरें

नौकरी में पारदार्शिता लाए हम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक मामूली नौकरी के लिए भी जान पहचान की बात कही जाती थी। हरे रंग के नोट वाले गांधी जी चाहिए थे। 30 सैकेंड में गांधी जी लेकर इंटरव्यू होते थे। पैसे लेकर नौकरी दी जाती थी। हमने वर्ग 3 और 4 में साक्षात्कार बंद कर दिया। राज्यों को भी कहा कि हमने किया तुम भी करो। लेकिन वे नहीं चाहते। कोई नहीं अब थोड़े दिन ही है, जैसे ही उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनेगी। यहां भी ये काम हो जाएगा।

नोटबंदी पर ये बोले पीएम

पीएम ने अपने 45 मिनट के भाषण में लगभग हर मुद्दे पर बात की। नोटबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि हम नोटों के खिलाफ लड़ रहे हैं। लोग बिस्तर में नोट भरकर सोते थे। ये गरीब का पैसा है। 1000-500 का नोट बंद कर सबके कपड़े खोल दिए। कुछ लोगों के खून में बेइमानी है। ऐसे लोगों ने पीछे के रास्ते से नोट बदल दिया। लेकिन, आज पकडे जा रहे हैं। ये सफाई अभियान है। मेरे पास सवा सौ करोड़ देशवासियों का रक्षा कवच है। मुझ पर ऊंगली नहीं उठा पाओगे।

वन रैंक वन पेंशन पर भी बोले पीएम

मोदी ने कहा कि 40 साल से सेना के जवान वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे। 70 साल तक जिस परिवार ने राज किया उन्हें सेना की याद नहीं आयी। जब चुनाव आया तो कांग्रेस को लगा की मोदी को सेना से प्यार है तो कांग्रेस ने 500 करोड खाते में दाल दिया। जबकि वन रैंक वन पेंंशन का बजट 10 हजार करोड़ है।

कहा, कांग्रेस ने सेना से मजाक किया। हम आये हमे लगा कि 10 हजार करोड़ एक साथ ज्यादा है। मैंने मदद मांगी और चार किश्ते कर दी। उन्होंने कहा कि मैं सेना के जवानों को सलाम करता हुंं। अब तक 2

हजार 600 करोड़ रुपए पहुंचा दिया है। उत्तराखंड में शायद ही कोई गांव होगा। जहां वन रैंक वन पेंशन ना आती हो। इससे यहां आर्थिकी बढ़ी है।

पीएम ने आगे कहा, पहली बार दिल्ली में बहुमत वाली सरकार बनी। भाजपा की सरकार बनाई। आपने मुझे चौकीदार का काम किया। मैं रिबन काटने वाला पीएम नहीं। मैंने लड़ाई छेड़ दी है। देवभूमि से मिले सहयोग का मैं आभारी हूं।

कहा, यहां तो भ्रष्टाचार की इंतहा है। मुझे आपका साथ चाहिए। नोटबंदी पर आपको तकलीफ हुई, मुझे पता है। इसके बाद भी ये देश मेरे साथ खड़ा रहा। हमने तो ड्रग माफिया, मानव तस्करी, अंडरवर्ड की दुनिया 8 नवम्बर की रात उजाड़ दी। इस ऋण को चुकाने में जीवनभर कोशिश करता रहूंगा। लूट खसोट, आतंकवाद, जाली नोट का खेल बंद होगा। मेरे देश में कुछ बेईमानों ने ईमानदारों को दबोच रखा था। मैं इन्हें छुड़ाने की लड़ाई लड़ रहा हूं।

पूर्व पीएम अटल को भी किया याद

पीएम मोदी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को भी याद किया। कहा, अटल जी ने हमे उत्तराखंड दिया। हम उनके आभारी हैं। उत्तम उत्तराखंड बनाना हमारी जिम्मेदारी है।

पीएम मोदी की रैली को जुटने लगी भीड़, तस्वीरें

उत्तराखंड को गढ्ढे से बाहर निकालो

मोदी ने कहा कि ये उत्तराखंड आज बर्बाद किया जा चुका है। गड्ढे में है। इसे मुसीबतों से बाहर निकालने में डबल इंजन की जरुरत है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में डबल इंजन है, अब देहरादूनन में भी इंजन लगा दो। तब ही विकास होगा।

अपने भाषण के बाद पीएम मोदी मंच से निकल गए। यहां से उनका काफिला जीटीसी हेलिपेड के लिए रवाना हो गया। यहां से वे दिल्ली के लिए निकलेंगेे। पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तराखंड में आई आपदा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पीएम मोदी ने मुझे कहा था कि ऐसी योजना बनाई जाए ताकि इस तरह के हादसे न हों। इसी महत्वकांक्षी योजना के तहत सरकार ने ऑल वैदर रोड सड़क योजना का शिलान्यास किया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का तैयार होने का समय 2020 है। लेकिन, उत्तराखंड में लोगों को राहत देने के लिए इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य 2018 तक रखा गया है।

सभार : uc news 

सैफ और करीना को अपने बच्चे के लिए यही नाम क्यों सूझा? इस नाम को लेकर हंगामा क्यों बरपा है, ये जानने के लिए 

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान और करीना कपूर के बेटे के नाम तैमूर अली खान को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा हुआ है. इस नाम को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है कि आखिर सैफ और करीना को अपने बच्चे के लिए यही नाम क्यों सूझा? इस नाम को लेकर हंगामा क्यों बरपा है, ये जानने के लिए हम आपको इतिहास में लेकर चलते हैं. आपको बताते हैं कि कौन था तैमूरलंग? 

1- तैमूर का जन्म 1336 उज्बेकिस्तान के एक आम परिवार में हुआ था.

 2- कहा जाता है कि तैमूरलंग एक मामूली चोर था, जो मध्य एशिया के मैदानों और पहाड़ियों से भेड़ों की चोरी किया करता था.

 3- जन्म के समय नाम तैमूर रखा गया था, लेकिन आगे हुई एक घटना के बाद उसे तैमूर-ए-लंग कहने लगे. 

 4- तैमूर 1369 में समरकंद का शासक बना और उसके बाद उसने विजय और क्रूरता की यात्रा शुरू की. तैमूर की क्रूरता के कई किस्से मशहूर हैं. कहा जाता कि एक जगह उसने दो हजार जिंदा आदमियों की एक मीनार बनवाई और उन्हें ईंट और गारे में चुनवा दिया. 

5- वह बहुत बड़ा सिपहसलार था, लेकिन पूरा वहशी भी था. मध्य एशिया के मंगोल लोग इस बीच में मुसलमान हो चुके थे और तैमूर खुद भी मुसलमान था. लेकिन मुसलमानों से पाला पड़ने पर वह उनके साथ जरा भी मुलायमित नहीं बरतता था. जहाँ-जहाँ वह पहुँचा, उसने तबाही और बला और पूरी मुसीबत फैला दी. 

6- नर-मुंडों के बड़े-बड़े ढेर लगवाने में उसे ख़ास मजा आता था. 

7- पूर्व में दिल्ली से लगाकर पश्चिम में एशिया-कोचक तक उसने लाखों आदमी क़त्ल कर डाले और उनके कटे सिरों को स्तूपों की शक्ल में जमवाया. 

8- एक लड़ाई में तैमूर के शरीर का दाहिना हिस्सा बुरी तरह घायल हो गया था, इसके बाद यही नाम बिगड़ते बिगड़ते तैमूरलंग हो गया. 

9सैफ और करीना को अपने बच्चे के लिए यही नाम क्यों सूझा? इस नाम को लेकर हंगामा क्यों बरपा है, ये जानने के लिए – तैमूरलंग के बारे में कई किस्से मशहूर हैं, कहा जाता है कि वह एक हाथ से तलवार पकड़ सकता था. 

10- तैमूरलंग का 1405 में निधन हुआ था, तब वह चीन के राजा मिंग के ख़िलाफ युद्ध के लिए जा रहा था.

 11- वह 35 साल तक युद्ध के मैदान में लगातार जीत हासिल करता रहा था. 

12-  भारत पर अपने आक्रमण का कारण बताते हुए लिखता है- हिन्दुस्तान पर आक्रमण करने का मेरा ध्येय काफिर हिन्दुओं के         विरुद्ध धार्मिक युद्ध करना है (जिससे) इस्लाम की सेना को भी हिन्दुओं की दौलत और मूल्यवान वस्तुएँ मिल जायें.

 13- तैमूर लंग दूसरा चंगेज़ ख़ाँ बनना चाहता था.वह चंगेज़ का वंशज होने का दावा करता था, लेकिन असल में वह       तुर्क था.

बिहारीयोँ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनता किसी की गुलाम नहीँ। और मोदी जी के अब तक के कार्यकाल के दौरान बज रहे विकास के गूंगे ढोल को चुनाव नतीजोँ ने फोड दिया। भाजपा को शायद अब इस बात का एहसास हो ही गया होगा कि बार बार गर्म करने से चाय बासी (खराब) हो जाती है। कहते है न एक बिहारी सब पर भारी । यहाँ तो दो दो थे वो भी राजनिति के मंझे हुए किरदार जिनका पत्ता काटना पतँग काटने जितना आसान नहीँ है ।
मोदी जी के विकास रथ के घोङे दिल्ली मेँ ही दम तोङ चुके थे । आरक्षण की दाल भी उनमे जान नहीँ फूँक पाई। रही सही कसर पाटीं के नेताओँ की बयानबाजी ने पुरी कर दी। मोदी जी को यह तो समझ आ ही गया होगा कि अमित शाह के कहने पर पाकिस्तान मेँ फटाखे तो नहीँ फुटे लेकिन उनके विकास के झुठे वादोँ का ढोल जरुर फुट गया।
मोदी जी को मेरी राय है कि वो अपनी पार्टी के नेताओँ को सेन्टर फ्रेश खाने की सलाह दे। क्योँ कि जब तक यह जुबान लपलपाऐगी तब तक फसाऐगी।

Surender Singh Chaudhary
RIS, Degan jn.

बिहारीयोँ ने एक फिर यह साबित कर दिया कि जनता किसी की गुलाम नहीँ। और मोदी जी के अब तक के कार्यकाल के दौरान बज रहे विकास के गूंगे ढोल को चुनाव नतीजोँ ने फोड दिया। भाजपा को शायद अब इस बात का एहसास हो ही गया होगा कि बार बार गर्म करने से चाय बासी (खराब) हो जाती है। कहते है न एक बिहारी सब पर भारी । यहाँ तो दो दो थे वो भी राजनिति के मंझे हुए किरदार जिनका पत्ता काटना पतँग काटने जितना आसान नहीँ है ।
मोदी जी के विकास रथ के घोङे दिल्ली मेँ ही दम तोङ चुके थे । आरक्षण की दाल भी उनमे जान नहीँ फूँक पाई। रही सही कसर पाटीं के नेताओँ की बयानबाजी ने पुरी कर दी। मोदी जी को यह तो समझ आ ही गया होगा कि अमित शाह के कहने पर पाकिस्तान मेँ फटाखे तो नहीँ फुटे लेकिन उनके विकास के झुठे वादोँ का ढोल जरुर फुट गया।
मोदी जी को मेरी राय है कि वो अपनी पार्टी के नेताओँ को सेन्टर फ्रेश खाने की सलाह दे। क्योँ कि जब तक यह जुबान लपलपाऐगी तब तक फसाऐगी।

Surender Singh Chaudhary
RIS, Degan jn.

Chale the kisi andhere ghar ka diya jalane
badnasibi dekho wo ghar hi jal gaya

ta umr nafrat krke kuch hasil na kar sake
mohabbt jo ki humne to dekho pathar bhi pighal gaya